नई दिल्ली/पटना। केंद्र सरकार यूरिया की एक बोरी पर 1800 रुपये की सब्सिडी दे रही है। 45 किलोग्राम यूरिया की एक बोरी का अधिकतम मूल्य 242 रुपया है। राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी के सवाल के जवाब में रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री भगवंत खुबा ने यह जानकारी दी।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने राज्यसभा में बताया कि बरौनी खाद कारखाना से यूरिया का उत्पादन 18 अक्टूबर, 2022 से शुरू हो गया है। प्लांट की उत्पादन क्षमता प्रतिवर्ष 12.70 लाख मीट्रिक टन है। इसकी लागत 8388 करोड़ रुपये है।
मंत्री ने बताया कि पूरे देश में यूरिया उत्पादन की छह इकाई स्थापित की गई है। इनमें चार सरकारी एवं दो प्राइवेट सेक्टर में है। छह इकाई की यूरिया उत्पादन क्षमता 283.74 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष होगी।
देश में 341.73 लाख मीट्रिक टन यूरिया की खपत है जबकि उत्पादन मात्र 250.72 लाख मीट्रिक टन है। शेष 91.36 लाख मीट्रिक टन यूरिया दूसरे देशों से आयात करना पड़ रहा है।