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रोडमैप में कृषि आधुनिकीकरण पर जोर देने का निर्देश

पटना। चौथे कृषि रोडमैप में कृषि आधुनिकीकरण को ध्यान में रखते हुए काम करने का निर्देश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया है। आधुनिकीकरण में कृषि उत्पादों की मार्केटिंग, राज्य के उत्पादों की  ब्रांडिंग एवं कृषि बाजार के विकास शामिल हैं।

चौथे कृषि रोडमैप की तैयारियों का लेकर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रखंड स्तर पर ई-किसान भवन में किसानों को कृषि एवं कृषि उत्पादों से संबंधित प्रशिक्षण आसानी से उपलब्ध कराएं। जलवायु अनुकूल एवं जैविक खेती के बेहतर क्रियान्वयन की व्यवस्था हो। राज्य में ही बेहतर गुणवत्ता वाले बीज का विकास एवं फसल अवशेष प्रबंधन वाले यंत्रों का निर्माण कराएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चौर क्षेत्र के विकास के लिए नीचे मछली ऊपर बिजली के उत्पादन की योजना पर बेहतर ढंग से काम होना चाहिए। फसल विविधीकरण के लिए किसानों को प्रेरित करें। राज्य में सब्जी और मखाना का अच्छा उत्पादन हो रहा है। इसके उत्पादकों को और अधिक उत्पादन के लिए सुविधा दें।

किसानों को चावल एवं गेहूं के अलावा अन्य फसलों के उत्पादन के लिए भी प्रोत्साहित करते रहें। पशुओं के नस्ल सुधार और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के साथ पशु जनित उत्पाद के क्षेत्र में वैल्यू चेन और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने पर भी काम हो। राज्य में 17 प्रतिशत हरित आवरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पौधारोपण और तेजी से कराएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अबतक के तीनों कृषि रोडमैप में काफी कार्य हुए हैं। फसलों का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ी है। हर खेत तक सिंचाई के लिए काम हो रहा है, ताकि किसानों को कृषि कार्य में और सहूलियत मिल सके।

कृषि सह पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव एन. सरवन कुमार ने चौथे कृषि रोडमैप की तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

 


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