जहानाबाद/अरवल। बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर के रामचरितमानस की आलोचना से उभरे विवाद पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह सब फालतू चीज है। धर्म के मामले में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई कोई भी धर्म हो। किसी को इसमे इंटरफेयर नहीं करना चाहिए। यह सही बात नहीं है।

समाधान यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री जहानाबाद एवं अरवल जिला पहुंचे। विकास योजनाओं का जायजा लेने के दौरान उन्होंने पत्रकारों से बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने इस तरह की बातें कहीं है। उनको उप मुख्यमंत्री ने भी कह दिया है।
सभी धर्म के लोगों को अपने-अपने ढंग से पूजा करने का अधिकार है। कोशिश करनी चाहिए कि आपस में विवाद नहीं हो। क्या शिक्षा मंत्री को अपना बयान वापस लेना चाहिए के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उनको कह चुके हैं। अब तो उनकी पार्टी की तरफ से भी कह दिया गया है।
महागठबंधन की एकता के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। किसी को दिमाग में कोई बात आती है और वह कोई बात बोल देता है। इसका मतलब यह नहीं है कि एलायंस और पार्टियों में किसी तरह की कोई बात है।
महाराष्ट्र की घटना बिहार में दोहराने की बात पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए बहुत खुशी की बात होगी। वे लोग खुशी मनाएं। जनता मालिक होती है। हमलोग काम करते रहते हैं।
गंगा से गाद हटाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम तो गाद हटाने के लिए शुरू से कह रहे हैं। वर्ष 2017 में हमलोगों ने पटना और दिल्ली में बैठक की थी। केवल बात करने से नहीं होगा इसके लिए जागरूक होना होगा। गाद हट जाएगा, तो सभी जगह पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
