पटना। रामचरितमानस पर बिहार के शिक्षा मंत्री की आलोचना से उभरे विवाद पर महावीर मंदिर ने विद्वानों की एक गोष्ठी (सेमिनार) 22 जनवरी को बुलाई है। पटना के विद्यापति भवन में दिन के एक बजे से शुरू होने वाली गोष्ठी का विषय सामाजिक सद्भाव के प्रवर्तक गोस्वामी तुलसीदास है।

महावीर मंदिर की पत्रिका धर्मायण के संपादक भवनाथ झा गोष्ठी के संयोजक हैं। इस सेमिनार में शामिल होने के लिए इच्छुक विद्वान 20 जनवरी तक संपर्क नंबर 9430676240 पर व्हाट्सएप या संपर्क कर सकते हैं। dharmayanhindi@gmail.com पर भी संदेश भेज सकते हैं। सेमिनार में भाग लेने वाले विद्वानों से महावीर मंदिर प्रबंधन ने लिखित आलेख मांगा है ताकि भविष्य में उसे प्रकाशित भी किया जा सके।
मंदिर प्रबंधन ने कहा है कि गोस्वामी तुलसीदास रचित “रामचरितमानस” सामाजिक सद्भाव का प्रेरक महाकाव्य है। लोकभाषा में इसकी रचना गोस्वामीजी ने इसलिए की थी ताकि धार्मिक तथा सामाजिक स्तर पर सभी वर्गों के लोगों को एकसाथ जोड़ते हुए समाज और राष्ट्र को मजबूत किया जा सके।
विगत शताब्दी में जब भारतीय मजदूरों को मॉरीशस भेजा जा रहा था, तब वे अपने साथ रामचरितमानस की प्रति भी लेते गये थे। इस ऐतिहासिक घटना से रामचरितमानस का व्यापक सामाजिक प्रभाव आंका जा सकता है। किसी कारणवश ऐसे पवित्र ग्रंथ पर आक्षेप लगाने की असहज स्थिति में महावीर मंदिर, पटना गोष्ठी (सेमिनार) का आयोजन कर रहा है।
