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रेल बजट को आम बजट में मिलाने से छह गुना बढ़ा बजट

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि रेल बजट को आम बजट में मिलाने से बिहार में रेलवे का बजट अनुदान यूपीए सरकार की तुलना में छह गुना बढ़ कर 6,606 करोड़ रुपये हो गया है। भारत के अलावा किसी देश में अलग से रेल बजट नहीं था।

मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार के समय अलग रेल बजट के दौर (2003-04) में रेलवे को बजट सहायता 7 हजार करोड़ रुपये मिलती थी। यह बढ़कर आम बजट ( 2022-23) के जरिये 1.59 लाख करोड़ हो गई।

रेल बजट के जमाने में हर रेल मंत्री बिना बजट प्रावधान के लोकलुभावन घोषणाएं कर देते थे, लेकिन वे संसाधन के अभाव में लागू नहीं करा पाते थे। नीतीश कुमार के रेल मंत्री रहते रेलवे में 1.37 लाख नौकरियां कम हो गई थीं, वहीं नरेंद्र मोदी सरकार के आठ साल में 3.74 लाख लोगों को रेलवे में नौकरी मिली।

केंद्र सरकार दस-बीस साल पहले की रेलवे संबंधी घोषणाओं को भी लागू करा रही है। बजट सहायता राशि में 484 फीसदी की वृद्धि हो चुकी है। यूपीए सरकार के समय रेलवे का विद्युतीकरण 14 किलोमीटर सालाना था, जो अभी 245 किलोमीटर सालाना हो गया है। पहले साल में केवल तीन आरओबी बनते थे। अब हर साल रेलवे 40 आरओबी बनवा रहा है।

 


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