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वित्त आयोग ने विशेष राज्य की अवधारण को किया खारिज

पटना। 14 वें और 15 वें वित्त आयोग की रिपोर्ट ने विशेष राज्य की अवधारण को खारिज कर दिया है। इन तथ्यों की अनदेखी कर बिहार सरकार का बार-बार विशेष राज्य की मांग करना उचित नहीं है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने विशेष राज्य के मुद्दे पर इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनायी थी। रघुराम राजन कमिटी ने भी इस पर विचार किया था। ग्रुप और कमिटी दोनों ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग स्वीकार नहीं की।

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बिहार को 1.40 लाख करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की सहायता दी है। यह विशेष दर्जा से अधिक लाभकारी है। राज्य सरकार विशेष पैकेज की योजनाएं लागू करने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा सकी।

मुख्यमंत्री विशेष राज्य के मुद्दे का राजनीतिकरण कर विभिन्न समितियों की रिपोर्ट की अनदेखी कर रहे हैं। जब लालू प्रसाद और नीतीश कुमार केंद्र में ताकतवर मंत्री थे, तब वे बिहार को विशेष राज्य का दर्जा क्यों नहीं दिला सके ?

 


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