पटना। कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने केंद्रीय बजट 2023-24 को निराशाजनक एवं हतोत्साहित करने वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में किसान, श्रमिक एवं मध्यम वर्ग की उपेक्षा की गई है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने की बात कही थी। उसका क्या हुआ। किसानों की आय दोगुनी हुई या नहीं। इसका वास्तविक आंकड़ा सरकार को पेश करना चाहिए था।
कृषि मंत्री ने कहा कि यह अच्छी बात है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोटे अनाज का उत्पादक देश है। श्री अन्न को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इसके नाम पर केवल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के हैदरबाद स्थित संस्थान को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का प्रस्ताव दिया गया है।
बिहार में रागी, मड़ुआ, बाजरा एवं ज्वार जैसे मोटे अनाज की असीम संभावनाएं हैं। इन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने की ठोस योजना इस बजट में बनानी चाहिए थी। साथ ही बिहार के एक कृषि विश्वविद्यालय को भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की घोषणा करनी चाहिए ।