पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि धान की कुटाई उसना चावल मिलों से कराने के आदेश से धान खरीद, कुटाई और किसानों को भुगतान करने की पूरी प्रक्रिया चरमरा गई है। धान खरीद के लिए केवल सात दिन का समय बचा है, जबकि खरीद 45 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध केवल 32 लाख मीट्रिक टन हुई है।
मोदी ने कहा कि राज्य में उसना चावल की खपत ज्यादा है, लेकिन उसना चावल बनाने वाली मिल मात्र 156 हैं। अरवा चावल मिलों की संख्या 2500 है। 32 लाख एमटी धान से 30 लाख एमटी चावल तैयार होना था, लेकिन केवल छह लाख एमटी चावल तैयार हुआ।
राज्य सरकार नियमों को शिथिल कर अरवा चावल मिलों को भी धान कुटवाने की अनुमति देे और अगले खरीद सीजन में उसना चावल मिलों की संख्या दोगुना करने के उपाय करे। इससे किसानों को धान बेचने और भुगतान पाने में सुविधा होगी।
उन्होंने कहा कि एक चावल मिल से 25-30 पैक्सों को संबद्ध करने से एक पैक्स से धान लेने की बारी महीने भर बाद आ रही है। लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पैक्स गोदाम भरे पड़े हैं। उनके आगे ट्रकों की लाइन लगी है। अन्नदाता परेशान हैं। उनके धान खरीदने में समस्याएं आ रही हैं, लेकिन मुख्यमंत्री समाधान यात्रा में इस मुद्दे का संज्ञान तक नहीं ले पाये।