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किसान समागम में चौथे कृषि रोड मैप पर हुई चर्चा

पटना। बिहार में कृषि के विकास के लिए कृषि रोडमैप बनाया गया है। वर्ष 2008 में पहले कृषि रोडमैप पर काम शुरू हुआ। इस पर काम चार साल चला। वर्ष 2012-2017 तक दूसरे कृषि रोडमैप पर पांच साल काम हुआ। इसी तरह वर्ष 2017 से लेकर मार्च 2023 तक तीसरे कृषि रोडमैप पर काम चल रहा है।

अब राज्य सरकार चौथा कृषि रोड मैप बनाकर उस पर काम करेगी। सभी की राय से चौथे कृषि रोडमैप पर अंतिम निर्णय लिया जायेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बापू सभागार में आयोजित किसान समागम में इसकी जानकारी दी।

किसान समागम में पांच हजार किसान शामिल हुए। इनमें 22 किसानों ने चौथे कृषि रोड मैप के लिए अपने सुझाव दिए। उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत, मुख्यमंत्री के कृषि सलाहकार डॉ मंगला राय, राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कुलपति डॉ बीएस पांडेय, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रामेश्वर सिंह, बिहार कृषि विश्वविद्यालय,सबौर के कुलपति डॉ डीआर सिंह एवं कृषि सह पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव एन. सरवन कुमार ने भी अपने विचारों को रखा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कृषि के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। किसान समागम में हमने किसानों के सुझाव सुने हैं। उनकी बातों को सुनकर मुझे काफी खुशी हुई। पहले यहां फसलों का उत्पादन काफी कम होता था, लेकिन अब हर चीज का उत्पादन बढ़ा है।

बिहार में मक्का का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 27.39 क्विंटल से बढ़कर 52.36 क्विंटल, गेहूं का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 23.25 क्विंटल से बढ़कर 30.78 क्विंटल एवं धान का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 12.37 क्विंटल से बढ़कर 24.96 क्विंटल हो गया है।

बिहार में दूध, सब्जी और मछली का उत्पादन भी काफी बढ़ा है। बिहार में पहले सिर्फ 2.88 लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन होता था। सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर आठ लाख मीट्रिक टन करने का है। कृषि रोड मैप के क्रियान्वयन के बाद राज्य का मत्स्य उत्पादन 7.62 लाख मीट्रिक टन हो गया है। दस लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की 75 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। पहले के तीन कृषि रोड मैप के लक्ष्य पर काफी काम हुए हैं। कृषि रोडमैप के कारण कृषि के क्षेत्र में काफी विस्तार हो रहा है। चौथे कृषि रोडमैप तैयार करने को लेकर काफी चर्चा हुई है। कई लोगों ने भी आज अपनी राय रखी है। सभी लोगों से अपील है कि वे अपनी राय लिखकर दें। सभी चीजों को ठीक ढंग से देखने के बाद अंतिम प्रारूप तैयार होगा।

 


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