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बिजली दर वृद्धि प्रस्ताव पर आपत्ति, आयोग के समक्ष बीआईए रखेगा अपना पक्ष

पटना। बिहार विद्युत विनियामक आयोग की पटना में जनसुनवाई 28 फरवरी को है। इस सुनवाई में बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) भी अपना पक्ष रखेगा। वाणिज्य एवं औद्योगिक वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए बीआईए हमेशा से सुझाव और आपत्ति दर्ज करते रहा है।

बिहार विद्युत विनियामक आयोग की राज्य सलाहकार समिति की 16 फरवरी की बैठक में भी बीआईए ने बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई थी। बीआईए का कहना है कि बिजली आपूर्ति कंपनियों ने बिजली दर निर्धारण के लिए डिमांड चार्ज को लगभग दोगुना एवं यूनिट चार्ज में पचास प्रतिशत वृद्धि करने का पक्ष रखा है।

बिजली आपूर्ति कंपनियां आपूर्ति की गई कुल बिजली दर को आधार मानकर उपभोक्ताओं से मूल्य वसूलने का पक्ष रखती हैं। कंपनियों ने संचरण एवं वितरण हानि को अपने आवेदन में केवल 20 से 22 प्रतिशत ही दर्शाया है। जबकि आपूर्ति की जाने वाली बिजली की हानि लगभग 45 प्रतिशत है। बिजली कंपनियां इस घाटे की भरपाई के लिए बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव रखती हैं।

बिजली आपूर्ति के लिए डिस्कॉम से खरीदी जाने वाली लगभग आधी बिजली बर्बाद हो रही है। इस तरह आपूर्ति की जाने वाली बिजली का केवल आधा पैसा ही कंपनियों को मिल पाता है। कंपनियां इसी नुकसान की भरपाई के लिए बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव देती हैं।

बीआईए ने क्रॉस सब्सिडी पर भी आपत्ति दर्ज करते हुए कहा है कि इसे वापस लेना चाहिए। अभी वाणिज्यिक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं पर लगभग 40 प्रतिशत की क्रॉस सब्सिडी है। यह उचित नहीं है। बिहार के अन्य उपभोक्ताओं को भी राज्य सरकार सब्सिडी देती है।

सभी उद्योगों को बिजली खपत पर लोड फैक्टर छूट की भी अनुमति मिलनी चाहिए। टैरिफ में रात 11 बजे से सुबह 11 बजे तक के लिए 20 प्रतिशत की छूट मिले। संचरण एवं वितरण हानि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पर सब्सिडी के कारण है। एचटी उपभोक्ताओं का हानि मात्र दस प्रतिशत ही है।

बीआईए ने आयोग एवं राज्य सरकार से अपील की है कि यदि इन उपायों से बिहार में एचटी उपभोक्ताओं की बिजली खपत दोगुनी हो जाती है, तो हानि घटकर 25 प्रतिशत तक आ जाएगी। इसका लाभ सभी उपभोक्ताओं के साथ डिस्कॉम को भी मिलेगा और राजस्व की भारी बचत होगी।

वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए राज्य की विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर निर्धारित करने की प्रक्रिया चल रही है। राज्य में बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनियां नॉर्थ बिहार एवं साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने बिजली दर में वृद्धि के लिए आवेदन राज्य विद्युत विनियामक आयोग को दिया है।

इसी परिपेक्ष्य में बिहार विद्युत विनियामक आयोग राज्य की अलग-अलग जगहों पर जनसुनवाई कार्यक्रम के जरिए उपभोक्ताओं का पक्ष सुन रहा है। पटना में जनसुनवाई कार्यक्रम 28 फरवरी को है।

 


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