पटना। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 83वीं एवं 84 वीं बैठक वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में होटल मौर्या में संपन्न हुई। बैठक में बिहार में कार्यरत बैंकों की वित्तीय वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही तक किए गए कार्यों की समीक्षा की गई। इस तिमाही तक बैंकों का कार्य संतोषजनक रहा।
राज्य का ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) दिसंबर 2022 तक 54.25 प्रतिशत रहा। सीडी रेशियो में पिछले वर्षों से लगातार वृद्धि हो रही है। बैंकों को इसे राष्ट्रीय औसत 75 प्रतिशत तक ले जाने को निर्देश दिया गया। वार्षिक साख योजना (एसीपी) लक्ष्य के विरुद्ध बैंकों ने दिसंबर 2022 तक 1,58,979 करोड़ रुपये वितरित किया है। यह लक्ष्य का 77.88 प्रतिशत है।
बैंकों को वार्षिक लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए वार्षिक साख योजना का लक्ष्य 2,04,145 करोड़ है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए वार्षिक लक्ष्य 2,63,150 करोड़ प्रस्तावित है।
एसएलबीसी की बठक में उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस. सिद्धार्थ, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप कुमार पौंड्रिक, वित्त मंत्रालय के संयुक्त सचिव भूषण कुमार सिंह, जीविका के सीईओ राहुल कुमार, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक संजीव दयाल, एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक शिव ओम दीक्षित, नाबार्ड के सीजीएम सुनील कुमार एवं अन्य बैंकों के वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।