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बिजली अनुदान नहीं मिला तो, बंद हो जाएंगी कई यूनिट : बीआईए

पटना। बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) ने राज्य सरकार से औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली अनुदान देने की मांग की है। संघ ने कहा है कि यदि राज्य सरकार बिहार के उद्योगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं करेगी, तो उद्योगों के समक्ष गंभीर संकट आ जाएगा। कुछ इकाइया (यूनिट) बंद हो जाएंगी।

बीआईए के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने वर्ष 2023-24 के लिए नई बिजली दर की घोषणा कर दी है। नई दर में फिक्स्ड चार्ज दोगुना एवं प्रति यूनिट चार्ज में 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।

बिहार में बिजली की दर विशेष कर व्यावसायिक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए पहले से ही देश में सबसे अधिक है। यह राज्य के औद्योगिक विकास एवं रोजगार सृजन में एक प्रमुख अवरोधक है। इसके बावजूद आयोग ने 23 मार्च के अपने आदेश में बिजली दरों में तीव्र वृद्धि की है।

अध्यक्ष ने बताया कि बिहार में औद्योगिक इकाइयां केवल एक पाली में काम करती हैं। ऐसी स्थिति में बिजली दर में होने जा रही 35 से 55 प्रतिशत तक की वृद्धि सभी श्रेणी के औद्योगिक उपभोक्ताओं (एलटीआईएस और एचटी श्रेणी) के लिए सहन करना मुश्किल हो जाएगा।

बीआईए ऊर्जा उपसमिति के मेंटर संजय भरतिया ने बताया कि बिहार में बिजली कंपनियों की संचरण एवं वितरण हानि लगभग 45 प्रतिशत है। बीआईए इस संबंध में सरकार और विद्युत विनियामक आयोग का ध्यान आकृष्ट कराते रहा है। यदि संचरण एव वितरण हानि निर्धारित 15 प्रतिशत की सीमा में रहे, तो बिजली दर में वृद्धि की जरूरत नहीं होगी।

बिजली कंपनियों की असक्षमता का अनावश्यक बोझ राज्य के ईमानदार उपभोक्ताओं को सहन करना पड़ रहा है। वास्तव में संचरण एवं वितरण हानि अधिक होने का कारण बिजली की बड़ी संख्या में चोरी है, जिसे बिजली कंपनियां रोक नहीं पा रही हैं।

बीआईए ऊर्जा उपसमिति के बासु सर्राफ ने कहा कि पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल एवं  झारखंड में औद्योगिक उपभोक्ताओं को डीवीसी से मिलने वाली बिजली दर काफी कम है। इस कारण बिहार में अधिक ऊर्जा खपत वाली इकाइयों में एक स्टील प्लांट से तैयार माल तुलनात्मक रूप में काफी महंगा हो जाता है। फिर से 35 से 55 प्रतिशत तक की बिजली दर में वृद्धि से राज्य का औद्योगिक विकास अवरुद्ध होगा।

बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन लगातार सरकार से अपने प्रदेश के उद्योगों को प्रतिस्पर्धा में सक्षम बनाने के उद्देश्य से बिजली अनुदान की मांग करता आ रहा है, लेकिन सरकार औद्योगिक उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं को बिजली अनुदान दे रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीआईए के पूर्व अध्यक्ष रामलाल खेतान एवं कई सदस्य मौजूद रहे।

 


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