पटना। मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि बिहार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और बिहार सरकार की कई योजनाएं हैं। लघु एवं मध्यम उद्यम से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। बिहार के समग्र विकास के लिए एमएसएमई मंत्रालय से अधिक फंड एवं अधिक योजनाओं की जरूरत है।
ज्ञान भवन में बिहार एमएसएमई कनेक्ट 2023 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय उत्पादकों के सामान विश्वसनीय होते हैं। इन्हें प्रोत्साहन मिलना चाहिए। वित्तीय वर्ष 2022-23 में बैंकों ने पीएमईजीपी और पीएम एफएफएमई कार्यक्रमों को लागू करने में अच्छा सहयोग दिया है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव बी.बी.स्वैन ने कहा कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद में इस सेक्टर का योगदान लगभग तीस प्रतिशत है। भारत के कुल निर्यात में लगभग 45 प्रतिशत योगदान सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का है। कृषि क्षेत्र के बाद सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र भी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र ही है। हमारी योजना है कि अगले दस वर्षों में इस सेक्टर में तीस करोड़ लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं।

उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौंडरीक ने कहा कि एमएसएमई उद्यमियों के लिए कार्यशाला के आयोजन का मुख्य उद्देश्य छोटे उद्योग से शुरू करने वाले उद्यमियों की हौसला अफजाई करना है। सरकार और बैंकों से प्राप्त सुविधाओं का उपयोग करके सूक्ष्म, लघु और मध्यम आकार की औद्योगिक इकाइयां तेजी से आगे बढ़ सकती हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत दस लाख रुपये तक की सहायता पाने वाली कुछ औद्योगिक इकाइयों का कारोबार अब करोड़ों में पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में योजना के तहत उद्यमियों को 1500 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई।
इस मौके पर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम क्रियान्वयन में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बैंक और उनकी शाखाओं को पुरस्कृत किया गया। एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक शिव ओम दीक्षित, पीएनबी के जोनल हेड पीसी बेहरा, बैंक ऑफ इंडिया की महाप्रबंधक पुष्पा चौधरी, केनरा बैंक के सर्किल हेड श्रीकांत एम भांदीवाद, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के डीजीएम अजय बंसल, उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के चेयरमैन सोहेल अहमद, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष आशुतोष कुमार झा और यूको बैंक के धीरज पटवर्धन ने मुख्य सचिव और एमएसएमई सचिव से पुरस्कार ग्रहण किया।
इससे पहले उद्योग विभाग की ओर से तकनीकी विषयों पर तीन सत्रों में विशेष जानकारी दी गई। चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ राणा सिंह ने मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर उद्यमियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के सीईओ विनीत कुमार एवं उद्योग विभाग के कई अधिकारी शामिल हुए।