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जल-जीवन-हरियाली अभियान में तेजी लाने का निर्देश

पटना। मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम को तेजी से बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए योजना की स्वीकृति, आवंटन एवं किसानों का प्रशिक्षण जून तक पूरा करने पर भी जोर दिया। 

बामेती में जल-जीवन-हरियाली दिवस कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर मुख्य सचिव ने कहा कि इस कार्यक्रम के अच्छे प्रभाव दिख रहे हैं। अभियान के तहत पहले से निर्मित सार्वजनिक जल संरचनाओं में तालाब, कुआं, नदी, नाला, आहर एवं पाइन के जीर्णोंद्धार के साथ नये जल स्रोतों का उपयोग अधिक से अधिक होना चाहिए। साथ ही पौधारोपण एवं रख-रखाव भी ठीक से हो।

कृषि विभाग के प्रधान सचिव डॉ बी.राजेंदर ने कहा कि बिहार में चल रहे जल-जीवन-हरियाली अभियान की चर्चा पूरे देश में है। वर्तमान में वर्षा की अनियमितता, तापमान में परिवर्तन एवं भू-गर्भ जल का स्तर गिरने से फसल उत्पादन में कमी आयी है। इसलिए इस योजना की आवश्यकता और अधिक है।

प्रधान सचिव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से होने वाले संकट से बचने के लिए सभी को तैयार रहना होगा। इससे जुड़ी योजनाओं का पूरा लाभ किसानों तक पहुंचाना जरूरी है ताकि किसानों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।

जल-जीवन-हरियाली अभियान के मिशन निदेशक राहुल कुमार ने कहा कि पर्यावरण के संकट को राज्य सरकार ने समय पर पहचान लिया है। इसके लिए कारगर कदम भी उठाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की पहल पर 13 जुलाई, 2019 को बिहार विधान सभा के केंद्रीय कक्ष में विधानमंडल के सदस्यों की संयुक्त बैठक हुई थी। सर्वदलीय सहमति के बाद जल-जीवन-हरियाली अभियान 9 अगस्त, 2019 से शुरू किया गया।

कार्यक्रम में किसानों की जरूरत के मद्देनजर वैकल्पिक फसल, टपकन सिंचाई, जैविक खेती एवं कृषि में नई तकनीकों के उपयोग पर भी परिचर्चा हुई। बिहार के सभी जिलों से कृषि पदाधिकारी एवं किसान वेबकास्टिंग के माध्यम से जुड़े थे। अच्छी खेती करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।

इस अवसर पर कृषि निदेशक डॉ आदित्य प्रकाश, बामेती निदेशक आभांशु सी. जैन, विशेष सचिव रवीन्द्र कुमार राय, उद्यान निदेशक नंद किशोर, संयुक्त सचिव अनिल कुमार झा, संजय कुमार सिंह एवं शैलेंद्र कुमार, कृषि वैज्ञानिक एवं कई प्रगतिशील किसान भी मौजूद रहेे।

 


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