पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि संसद और विधान मंडलों में आरक्षण बाबा साहब आंबेडकर और गांधी जी की देन है। इसे कोई छीन नहीं सकता। जरूरत पड़ी, तो यह सौ साल तक लागू रहेगा। आंबेडकर जयंती समारोह में मोदी ने कहा कि जब तक समाज में असमानता रहेगी, तब तक आरक्षण रहेगा। इसकी कोई समय सीमा तय नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने दलित उत्पीड़न निवारण कानून को शिथिल करना चाहा, तब केंद्र की भाजपा सरकार ने उस कानून में 23 नई धाराएं जोड़ कर इसे और मजबूत बना दिया। बाबा साहेब को जिस कांग्रेस ने लगातार अपमानित किया, उसी की गोद में बैठ कर नीतीश कुमार और लालू प्रसाद देश पर राज करने के सपने देख रहे हैं।
भाजपा के समर्थन से बनी वीपी सिंह की सरकार ने बाबा साहब की मृ्त्यु के 37 साल बाद उन्हें भारत रत्न प्रदान किया। सुशील मोदी ने कहा कि जब नरेंद्र भाई के नेतृत्व में दिल्ली में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी, तब आंबेडकर के जन्म, शिक्षा, संसदीय जीवन और देहावसान से जुड़े पांच महत्वपूर्ण स्थलों पर भव्य स्मारक बना कर उन्हें पंचतीर्थ घोषित किया गया।
लालू-राबड़ी राज में बिहार के लक्ष्मणपुर बाथे, मियांपुर, नारायणपुर सहित दर्जन भर स्थानों पर दलितों का सामूहिक संहार हुआ। जब भाजपा के सहयोग से एनडीए सरकार बनी, तभी पंचायत और निकायों में दलित-पिछड़ों और महिलाओं को आरक्षण देकर बिहार में बाबा साहब के सपने को सार्थक किया जा सका।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि भाजपा कभी भी आरक्षण विरोधी नही रही है। देश का संविधान बना तब भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आरक्षण का समर्थन किया। इसके बाद अटल बिहार वाजपयी की सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण की व्यवस्था लागू की। 2016 में जब सर्वाेच्च न्यायलय ने एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम को शिथिल करने की कोशिश की, तो नरेंद्र मोदी सरकार ने ही उसे री-स्टोर किया।