पटना। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता मनोज शर्मा का कहना है कि बिहार सरकार जहरीली शराब के सेवन से मरने वालों के आश्रितों को मुआवजा के नाम पर बेवकूफ बना रही है। बीजेपी की मांग पर राज्य सरकर ने मुआवजा देने की घोषणा की, तो कई पेंच लगा दिए।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने शर्त रखी है कि शराब कहां से ली? शराब बेचने वाले का नाम और पता बताना होगा। सभी सवालों का जवाब परिजनों को देना है। जो व्यक्ति शराब पीने जाता है। वह क्या घर में बता कर जाता है? क्या वह कहकर जाएगा कि वह जहां जा रहा है, वहां जहरीली शराब मिलती है ? परिजनों से यह सवाल पूछना पूरी तरह बेतुका है। इससे मंशा साफ होती है कि सरकार मुआवजा देने नहीं जा रही है।
दूसरी बात, यदि परिजनों को यह पता भी हो कि उसके परिवार ने कहां शराब पी है और वह प्रशासन को बता भी देगा, तो पीड़ित परिवार की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? शराब माफिया तो दबंग होते हैं। पीड़ित परिवार की जान पर आफत आ जायेगी।
पूर्व विधायक मनोज शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार चार लाख का मुआवजा देकर अपने समर्थन में लोगों को खड़ा करना चाह रही है। जहरीली शराब से जिसके परिवार में किसी का निधन हुआ हो, वह कैसे कहेगा कि शराबबंदी अच्छी चीज है। राज्य सरकार आश्रितों को मुआवजा देना चाहती है, तो खुले मन से देनी चाहिए।