अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री संतोष कुमार सुमन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। संतोष सुमन पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे हैं। वह हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) पार्टी से इकलौते मंत्री थे। हम पार्टी के चार विधायक हैं।
मंत्रीमंडल से इस्तीफा देने के बाद संतोष सुमन ने कहा कि हमारी पार्टी का जदयू में विलय का दबाव था। ऐसी स्थिति में सरकार से निकलना ही हमारे पास विकल्प था। हमें 23 जून को होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में भी बुलावा नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि फिलहाल हम सरकार से अलग हुए हैं। महागठबंधन में रखने का फैसला जदयू और आरजेडी को करना है। इस्तीफा से पहले संतोष कुमार सुमन की वित्त मंत्री विजय चौधरी से लंबी बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। बाद में संतोष सुमन ने अपना इस्तीफा वित्तमंत्री को ही सौंप दिया।
हम पार्टी कुछ दिनों से लोकसभा चुनाव, 2024 में पांच सीटों की मांग कर रही थी। जीतन राम मांझी के एनडीए में शामिल होने की चर्चा जोरों पर है। मांझी कुछ दिनों पहले तक लगातार कह रहे थे कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का साथ नहीं छोड़ेंगे।
