पटना। दो दिवसीय राज्यस्तरीय आम महोत्सव सह प्रतियोगिता कार्यक्रम का आयोजन ज्ञान भवन में किया गया है। कृषि सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने महोत्सव का शुभारंभ किया। महोत्सव में आये किसानों की समस्या एवं सुझावों को सचिव ने सुना और निराकरण का आश्वासन दिया।
आम महोत्सव के आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य में उत्पादित विशिष्ट प्रजाति एवं खास क्षेत्रीय प्रजाति से लोगों को परिचित कराना और बाजार की संभावना को तलाशना है। आम उत्पादक किसानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, फलों के भंडारण, प्रसंस्करण एवं बाजार से संबंधित नई तकनीक की जानकारी भी देना महोत्सव का उद्देश्य है।
बिहार में आम की प्रमुख प्रजाति : भागलपुर का जर्दालु आम, पटना का दीघा मालदह, बेतिया का जर्दा, मधुबनी का कृष्णा भोग, दरभंगा का कलकतिया, सीतामढ़ी का बंबईया, सुपौल का गुलाब खास, मधेपुरा एवं कटिहार का मालदह, बक्सर का चौसा, समस्तीपुर का बथुआ एवं मुंगेर जिला का चूरंबा मालदह ।
इस मौके पर सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि आम महोत्सव अद्भुत है। आम के उत्पादों को बढ़ावा देना हमारे लिए चुनौती है। आम के भंडारण पर काम करना है ताकि दो से तीन महीने बाद भी इसका उपयोग कर सके। इसकी पैकेजिंग कर हम इसे चेन्नई, हैदराबाद एवं मुंबई जैसे बड़े शहरों में पहुुंचा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पुराने बगीचों को संरक्षित करने की जरूरत है। बाग बचाओ अभियान इसी कड़ी में चलाया जा रहा है। राज्य के कृषि विश्वविद्यालय एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इसके लिए काम हो रहा है।
बिहार में कुल 3.54 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में फलों की खेती होती है। इसका उत्पादन क्षेत्र 45.09 लाख मीट्रिक टन है। इसमें आम, केला, लीची एवं पपीता प्रमुख हैं। आम का 1.60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 15.50 लाख टन उत्पादन होता है।
कृषि निदेशक डॉ आलोक रंजन घोष, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार, पद्मश्री राजकुमारी देवी उर्फ किसान चाची, कृषि वैज्ञानिक, आम उत्पादक किसान एवं अन्य लोग भी महोत्सव में मौजूद रहे।