गीता प्रेस, गोरखपुर का चयन वर्ष 2021 के गांधी शांति पुरस्कार के लिए किया गया है। पुरस्कार में एक करोड़ राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। गीता प्रेस को यह पुरस्कार अहिंसक और अन्य गांधीवादी आदर्शों के माध्यम से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में परिवर्तन लाने के लिए मिल रहा है।
गांधी शांति पुरस्कार मानवता के सामूहिक उत्थान में योगदान के लिए भारत सरकार देती है। वर्ष 1995 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 125वीं जयंती पर इस पुरस्कार की स्थापना की गई थी।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में निर्णायक मंडल ने 18 जून को गीता प्रेस का चयन गांधी शांति पुरस्कार के लिए किया है। वर्ष 1923 में स्थापित गीता प्रेस विश्व में सबसे बड़े प्रकाशकों में से एक है। इसने 14 भाषाओं में 41.7 करोड़ पुस्तकों का प्रकाशन किया है। इनमें 16.21 करोड़ श्रीमद्भगवद गीता पुस्तकें शामिल हैं।
इस संस्था ने राजस्व के लिए कभी भी विज्ञापन नहीं लिया। गीता प्रेस जीवन के उत्तरोत्तर विकास और सर्वजन कल्याण के लिए प्रयासरत है।
