पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार सरकार ने राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री सहित विशिष्ट व्यक्तियों को फल भेजने की परंपरा तोड़ दी है। बिहार के जर्दालु आम और शाही लीची की मिठास में भी राजनीतिक कटुता घोल दी गई है।
मोदी ने कहा कि केंद्रीय नेताओं को आम एवं लीची भेजने की परंपरा (मैंगो डिप्लोमेसी) एनडीए सरकार ने 2007 में शुरू की थी। इससे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार के आम-लीची की ब्रांडिंग हुई और किसानों को लाभ हुआ।
2021 में ब्रिटेन, सऊदी अरब, श्रीलंका और बांग्लादेश को भारत से 25 हजार टन जर्दालु आम का निर्यात किया गया। मैंगो डिप्लोमेसी के तहत दिल्ली-पटना के अतिविशिष्ट लोगों को 2500 कार्टन आम और लीची भेजे जाते थे। ऐसी मीठी परिपाटी पर राजनीति नहीं होनी चाहिए थी। इससे बिहार की छवि और यहां के फल उत्पादक किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।