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विपक्षी दलों की बैठक में एक साथ चुनाव लड़ने पर बनी सहमति 

भाजपा विरोधी विपक्षी दलों की पहली बैठक में एक साथ चलने पर सहमति बनी है। 2024 लोकसभा चुनाव में सभी दलों ने एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। पटना में सीएम आवास पर हुई बैठक में 15 दलों के बड़े नेता शामिल हुए। लगभग चार घंटे तक चली बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी गई। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि दिल्ली अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस का रुख स्पष्ट नहीं होने से केजरीवाल नाराज हैं। आम आदमी पार्टी की तरफ से भी कहा गया है कि ऐसी स्थिति में कांग्रेस के साथ गठबंधन में शामिल होना मुश्किल होगा। 

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं के विचार :    

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने बताया कि अगली बैठक जुलाई में शिमला में होगी। इसमें कॉमन फ्रंट के प्रारूप को अंतिम रूप दिया जाएगा। 

राहुल गांधी : यह विचारधाराओं की लड़ाई है। हमारे बीच मतभेद होंगे, लेकिन हमने एक साथ काम करने और विचारधाराओं की रक्षा करने का फैसला किया है। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार : एक कॉमन फ्रंट बनाने पर चर्चा हुई है। सभी नेताओं ने वर्तमान केंद्र सरकार के खिलाफ चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी : हम एकजुट हैं और एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे। हमें विपक्ष मत कहिए, हम भारत माता से प्यार करते हैं। विपक्षी नेताओं की पहली बैठक पटना में हुई है। पटना से जो शुरू होता है, वह जन आंदोलन का आकार लेता है। 

तमिलनाडु के सीएम और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा, सभी विपक्षी दलों का एक ही लक्ष्य है कि भाजपा को हराना है। हालांकि हमने अभी तक यह तय नहीं किया है कि पीएम उम्मीदवार कौन होगा।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी अपने विचारों को वयक्त किया। 

बैठक में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पंजाब के सीएम भगवंत मान, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, सीपीआई के डी. राजा, सीपीएम के सीताराम येचुरी एवं माले के दीपांकर भट्टाचार्य मौजूद रहे।            


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