मुख्य समाचार

पावर ग्रिड की तरह बने जल ग्रिड, उद्योगों को पेनाल्टी से मिले मुक्ति 

पटना। केेंद्रीय भूजल बोर्ड के समक्ष बिहार उद्योग संघ (बीआईए) ने सुझाव दिया है कि पावर ग्रिड की तर्ज पर जल ग्रिड की स्थापना हो। इसमें नेट मीटरिंग प्रणाली की भी सुविधा हो। साथ ही सूक्ष्म एवं लघु श्रेणी के उद्योगों को कानून के अनुपालन में त्रुटि के कारण पेनाल्टी से भी मुक्त रखा जाए।

केंद्रीय भूजल बोर्ड (सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड), पटना के पदाधिकारियों के साथ एक बैठक में बीआईए ने अपने सुझावों को व्यक्त किया। बैठक में बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक राजीव रंजन शुक्ला एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। 

बीआईए के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने कहा कि उद्योग हमेशा चाहता है कि कानून का अनुपालन हो, लेकिन कभी-कभी सही जानकारी नहीं होने के कारण कठिनाई होती है। प्रक्रिया सरल होने से अनुपालन में सुविधा होगी। जल संरक्षण एवं भूगर्भ जल के दोहन को कम करने के लिए पाइप से जल की आपूर्ति एवं वाटर हारवेस्टिंग को प्रोत्साहित करने की जरूरत है।

केंद्रीय भूजल बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि नये नियम के अनुपालन में परेशानी होती है, लेकिन नियम भलाई के लिए ही बनाये जाते हैं। उन्होंने बीआईए के वाटर ग्रिड एवं नेट मीटरिंग के सुझावों की सराहना की। साथ ही यह भी बताया कि राज्य में उद्योगों का विकास क्लस्टर के रूप में नहीं हुआ है। इस कारण सुझावों को कैसे लागू किया जाए। यह विचारनीय प्रश्न है। 

क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि सुझावों पर विचार करने का अधिकार केंद्रीय भूजल अथॉरिटी का है। सुझावों को अनुशंसा के साथ अथॉरिटी को भेजा जाएगा। बैठक में बीआईए के उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार, महासचिव गौरव साह, कोषाध्यक्ष मनीष कुमार, पूर्व अध्यक्ष रामलाल खेतान, पूर्व उपाध्यक्ष संजय गोयनका, जीपी सिंह, निशीथ जायसवाल एवं इन्वायरमेंट सबकमिटी के चेयरमैन प्रेम कुमार भी मौजूद रहे। 
 


संबंधित खबरें