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फूड प्रोसेसिंग स्कीम लागू करने में बिहार का बेहतरीन प्रदर्शन : सचिव

पटना। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की सचिव अनीता प्रवीण ने बताया कि प्रधानमंत्री फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (पीएम एफएमई) योजना के क्रियान्वयन में बिहार का प्रदर्शन उत्साहवर्धक है। पिछले एक दशक में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का नौ प्रतिशत से अधिक की दर से विकास हुआ है। पिछले साल इस सेक्टर का ग्रोथ रेट 22 प्रतिशत रहा है। 

ज्ञान भवन में पीएम एफएमई कनेक्ट और मिलेट महोत्सव के उद्घाटन के मौके पर सचिव अनीता प्रवीण ने अपनी बातों को रखा। इस मौके पर बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौंडरीक एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़े उद्यमी भी मौजूद रहे। 

सचिव अनीता प्रवीण ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की योजनाओं को लागू करने में बिहार का स्थान पहला या दूसरा रहता है। यह गर्व की बात है। किसान संपदा योजना और पीएमएफएमई योजनाओं के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में लगने वाली इकाइयों को अनुदान दिया जाता है। 

उन्होंने कहा कि आम और लीची की लाइफ दस दिनों की होती है, लेकिन इनकी प्रोसेसिंग कर दी जाए तो अगले एक-दो सालों तक अलग-अलग तरीके से इन्हें खाया जा सकता है। 

मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि बिहार में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की व्यापक संभावनाएं हैं। बिहार की भूमि उपजाऊ है। सब्जी और फलों के उत्पादन में बिहार भारत का अग्रणी राज्य है। मखाना और मशरूम का सबसे अधिक उत्पादन बिहार में ही होता है। 

मुख्य सचिव ने कहा कि बिहार में बैंक, उद्यमी और सरकार के बीच तालमेल बढ़ा है। उद्योग विभाग की कोशिश से उद्यमी उत्साहित हैं। उन्होंने लघु एवं मध्यम उद्योगों के संचालकों से कहा कि अपने प्रोडक्ट बनाते समय शुद्धता और गुणवत्ता का ख्याल रखें। 

उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौंडरीक ने उद्यमियों से कहा कि प्रोडक्ट की गुणवत्ता के साथ कभी समझौता नहीं करें। अच्छी नीयत से काम करें, तो उसका अच्छा परिणाम निकलेगा। उद्योग की सफलता एक लंबी प्रक्रिया है। सफलता के लिए धैर्य के साथ मेहनत जरूरी है। 

खाद्य प्रसंस्करण निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय एवं उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित ने भी अपने विचारों को रखा। 

 


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