उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ का कहना है कि उपभोक्ता बिहार को उद्यमी बिहार में तब्दील करने के लिए हर बिहारी को प्रयास करने की जरूरत है। बिहार के बारे में निवेशकों के परसेप्शन को फिल्म और दूसरे माध्यमों से जानबूझकर खराब किया गया है। उद्योग मंत्री ने इंदिरा भवन में निवेश प्रोत्साहन केंद्र के शुभारंभ के मौके पर ये बातें कहीं।
उद्योग मंत्री ने कहा कि बिहार गौतम बुद्ध, महावीर और गुरु गोविंद सिंह की भूमि है। बिहार के लोग मेहनत से नहीं घबराते हैं। देश के चालीस प्रतिशत से अधिक मिल और उद्योगों में बिहार के लोग काम कर रहे हैं। सभी लोगों को जोड़कर बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विभाग प्रयत्नशील है।
बिहार में इथेनॉल और बायोफ्यूल्स को बढ़ावा देने के लिए बिहार बायो फ्यूल्स नीति 2023 लायी गई है। इसके तहत निवेशकों को पूंजीगत प्रोत्साहन मिलेगा। बिहार लेदर एवं टेक्सटाइल नीति को एक साल के लिए विस्तार दिया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन का आवंटन अब मात्र एक सप्ताह के अंदर हो रहा है। उद्योगों को सभी प्रकार के क्लीयरेंस प्रदान करने के लिए निवेश सुविधा केंद्र में ही सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से कार्य संपादित होगा।

उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौंडरीक ने कहा कि बिहार में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास जारी है। इसके लिए इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया जा रहा है। निवेश प्रोत्साहित करने के लिए 24 लाख वर्ग फीट में प्लग एंड प्ले इंडस्ट्रियल शेड तैयार किया गया है। दस शेड बनकर तैयार हो गए हैं।
जमीन आवंटन के बावजूद उद्योग नहीं लगाने की शिकायतें मिली हैं। इनका भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत जमा किए गए बिलों का वेरिफिकेशन कमर्शियल टैक्स विभाग से कराया जा रहा है। यदि फर्जीवाड़ा करते हुए कोई पकड़ा जाता है तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, तकनीकी विकास निदेशक संजीव कुमार, हथकरघा एवं रेशम निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, विशेष सचिव दिलीप कुमार एवं उद्योग मित्र के सीईओ मकेश्वर द्विवेदी मौजूद रहे।