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टी बोर्ड ऑफ इंडिया में बिहार को शामिल कराने की होगी पहल

टी बोर्ड ऑफ इंडिया में बिहार का प्रतिनिधित्व नहीं है। बिहार को टी बोर्ड ऑफ इंडिया में शामिल करने के लिए बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की जायेगी। कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल बिहार की चाय को बढ़ावा देने की संभावना विषय पर एक परिचर्चा को संबोधित कर रहे थे। 

सचिव ने बैंक के प्रतिनिधियों से कहा कि चाय की खेती करने वाले किसानों को ऋण उपलब्ध कराएं। किशनगंज स्थित डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय को बिहार की चाय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ‘टी कॉन्क्लेव’ का आयोजन एवं टी रिसर्च एसोसिएशन, पश्चिम बंगाल से समन्वय कर एडवांस सेंटर फॉर टी स्थापित करने की जिम्मेवारी मिली । 

परिचर्चा में सचिव ने कहा कि बिहार की चाय की किस्मों पर रिसर्च होना चाहिए। चाय प्रसंस्करण से जुड़े फर्म को बिहार सरकार की योजनाओं की जानकारी दें। बिजली आपूर्ति की परेशानियों के सवाल पर सचिव ने कहा कि अलग से बिजली फीडर की व्यवस्था की जा सकती है। कलस्टर में चाय की खेती के लिए ग्रामस्तरीय योजना बनाने की जरूरत है। 

परिचर्चा में कृषि निदेशक डॉ आलोक रंजन घोष, टी बोर्ड ऑफ इंडिया के निदेशक (अनुसंधान) महिपाल सिंह एवं उप निदेशक (चाय विकास) एसके हाजरा, टी रिसर्च एसोसिएशन, पश्चिम बंगाल के चीफ ऑफिसर सैम वर्गीज, डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ के सत्यनारायण, संयुक्त निदेशक राधा रमण एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। 
 


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