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धान की रोपाई के लिए सिंचाई का प्रबंध करने का निर्देश 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किसानों को सिंचाई के लिए हर संभव सहायता देने का निर्देश दिया है। राज्य में कम बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 75 प्रतिशत आबादी की आजीविका कृषि है। धान की रोपाई समय पर हो। इसके लिए जल संसाधन एवं लघु जल संसाधन विभाग सिंचाई के लिए आवश्यक प्रबंध करे। आपदा प्रबंधन विभाग भी स्थिति पर नजर रखे।  

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। खेती के लिए किसानों को डीजल अनुदान एवं 12 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। जल संसाधन विभाग नहरों के अंतिम छोर तक खेती के लिए पानी पहुंचाएं और लगातार मॉनिटरिंग करे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की निगरानी करते रहें। सभी संबद्ध विभाग पूरी तरह अलर्ट रहें। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की साप्ताहिक बैठक नियमित रूप से होनी चाहिए। 

भारत मौसम विज्ञान के प्रतिनिधि ने बताया कि राज्य में 21 जुलाई से 27 जुलाई के बीच हल्की बारिश की संभावना है।

आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि अब तक चार जिले बक्सर, किशनगंज, भागलपुर एवं अररिया में सामान्य वर्षा और 26 जिले सीवान, सुपौल, रोहतास, अरवल, कटिहार, भोजपुर, औरंगाबाद, बांका, लखीसराय, भभुआ, मधुबनी, गया, जमुई, दरभंगा, शेखपुरा, वैशाली, मधेपुरा, पूर्णिया, नवादा, जहानाबाद, खगड़िया, मुंगेर, पटना, नालंदा, गोपालगंज एवं मुजफ्फरपुर में सामान्य से कम वर्षा हुई है। 

राज्य के आठ जिले समस्तीपुर, सहरसा, सारण, बेगूसराय, पूर्वी एवं पश्चिम चंपारण, शिवहर एवं सीतामढ़ी में अल्प वर्षा की स्थिति रही है। अपर मुख्य सचिव ने धान बिचड़ा, धान की रोपाई और मक्का बुआई की जानकारी दी। 
 


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