बिहार में 49 रेलवे स्टेशनों समेत देश के 508 स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी। लगभग 25 हजार करोड़ की लागत से 508 स्टेशन आधुनिक बनेंगे। बिहार के 49 रेलवे स्टेशनों पर 2584 करोड़ राशि खर्च होगी। विकसित स्टेशनों पर फूड कोर्ट, शॉपिंग जोन, रूफ प्लाजा, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, मल्टी लेवल पार्किंग, एग्जीक्यूटिव लाउंज एवं वेटिंग एरिया जैसी सुविधाएं होंगी।
बिहार के इन स्टेशनों का होगा विकास : बापूधाम मोतिहारी, बिहारशरीफ, राजगीर, फतुहा, बख्तियारपुर, बाढ़, जमालपुर, सुल्तानगंज, कहलगांव, पीरपैंती, रघुनाथपुर, पहाड़पुर, नवगछिया, जमुई, सिमुलतला, हाजीपुर, सोनपुर, मुजफ्फरपुर, रामदयालु नगर, समस्तीपुर, ढोली, दरभंगा, दलसिंह सराय, सीतामढ़ी, तारेगना, जहानाबाद, ठाकुरगंज, कुदरा, गया, आरा, बिहिया, डुमरांव, अनुग्रह नारायण रोड, भभुआ रोड, दुर्गावती, सासाराम, बारसोई, बनमनखी, खगड़िया, मानसी, लखमिनियां, मधुबनी, जयनगर, नरकटियागंज, सहरसा, सगौली, सकरी, सलौना, किशनगंज।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि स्टेशनों के आधुनिकीकरण से देश में विकास के लिए एक नया वातावरण बनेगा। ये आगंतुकों के बीच एक अच्छी छाप छोड़ेंगे।
अपग्रेड किए गए स्टेशनों से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि आस-पास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना कारीगरों की मदद करेगी और जिले की ब्रांडिंग में सहायता करेगी। हमारा प्रयास रेलगाड़ी से स्टेशन तक सर्वाेत्तम अनुभव प्रदान करना है।
देश के आर्थिक विकास में रेलवे की भूमिका की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रेलवे में रिकॉर्ड निवेश हुआ है। इस वर्ष रेलवे को 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट मिला है। यह 2014 की तुलना में पांच गुना अधिक है। पिछले नौ वर्षों में लोकोमोटिव उत्पादन में 9 गुना की वृद्धि हुई है। आज 13 गुना अधिक एचएलबी कोच का निर्माण हो रहा है।