मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि हमलोगों की एकजुटता का नतीजा 2024 लोकसभा चुनाव में अच्छा निकलेगा। केंद्र सरकार केवल प्रचार-प्रसार करती है। विकास का कोई काम नहीं हो रहा है। बिहार में जो भी काम हुआ है। सब हमलोगों ने किया है। अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता, तो हमलोग काफी आगे हो जाते। बिहार को वे लोग भूल रहे हैं।
सात शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री पत्रकारों से बात कर रहे थे। शहीद दिवस पर मुख्यमंत्री ने शहीद उमाकांत प्रसाद सिंह, रामानंद सिंह, सतीश प्रसाद झा, जगतपति कुमार, देवी प्रसाद चौधरी, राजेंद्र सिंह एवं राम गोविंद सिंह की कुर्बानियों को याद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी बात रखने का विपक्ष को अधिकार है। अब हमलोगों की तरफ बहुत पार्टियां आ गई हैं। पटना से विपक्षी एकता की शुरुआत हुई है। सभी पार्टियां मिलकर तय करेंगीे कि किस तरह से देश का विकास करना है। जब हमलोग एकजुट हो रहे हैं, तो उनलोगों को परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि जदयू के बारे में कुछ लोग बयान देते हैं कि यह तीसरे नंबर पर है। 2005 चुनाव में जदयू और भाजपा के वोट का आंकड़ा देख लीजिए। 2010 में हमलोगों को 118 सीटें मिलीं और भाजपा को हमसे कम सीट आई। 2020 चुनाव में एजेंट के तौर पर अन्य लोगों को खड़ा कर हमें हराया गया।
2020 विधानसभा चुनाव के बाद हम मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते थे। बाद में उनलोगों के कहने पर हमने बात मान ली। वर्ष 2009 में हमलोग लोकसभा का चुनाव साथ लड़े थे। हमलोग 25 सीट पर लड़े और 20 पर जीते। भाजपावाले 15 पर लड़े और 12 जीते। यह सब बात वे लोग भूल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने घोषणा के अनुसार एक भी काम पूरा नहीं किया। सबलोगों को एकजुट होना चाहिए। यह देश हित में है। कोई इतिहास न बदले। आजादी की लड़ाई को न भुला दे। इसीलिए सबको एकजुट करने का काम कर रहे हैं। जब चुनाव की सरगर्मी शुरू होगी, तो और पार्टियां साथ आ जाएंगी।