मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में लागू इथेनॉल पॉलिसी से काफी फायदा हुआ है। बिहार इथेनॉल हब के रूप में विकसित होगा। इथेनॉल प्लांट में कृषि उत्पादों के व्यापक उपयोग से किसानों को भी लाभ होगा, लेकिन केंद्र सरकार ने मात्र 17 प्रस्तावों को ही अनुमति दी है।
उन्होंने कहा कि इथेनॉल उत्पादन का कोटा कम आवंटित किये जाने के कारण बिहार को नुकसान हो रहा है। इथेनॉल उत्पादन के लिए आवश्यक मक्का का सबसे ज्यादा उत्पादन बिहार में ही होता है। बिहार में अन्य राज्यों की आवश्यकता के लिए भी इथेनॉल उत्पादन की क्षमता है।
गांधी मैदान में आयोजित 77वें स्वतंत्रता दिवस समारोह पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवक-युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा उनमें उद्यमिता विकास को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना वर्ष 2018 से लागू है।
इस योजना में वर्ष 2020 से अति पिछड़े वर्ग को शामिल करते हुए मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना एवं वर्ष 2021 में सभी वर्गों की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना प्रारंभ की गई ।
इन सभी योजनाओं में अब तक 26,679 उद्यमियों को दो हजार 102 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध करायी गई है। उद्योगों के विकास के लिए सरकार के प्रयासों से हजारों लोगों को रोजगार के नये अवसर मिल रहे हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आधारभूत संरचना क्षेत्र में किए गए कार्यों की चर्चा की। उन्होंने महिलाओं एवं युवाओं के विकास और अपराध नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी चुनौतियों के बावजूद हमारा राज्य प्रगति के पथ पर अग्रसर है। हमारा अतीत गौरवशाली है। हम उसी ऊंचाई को फिर से प्राप्त करना चाहते हैं।