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विश्वकर्मा योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मिली मंजूरी 

पीएम विश्वकर्मा योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिल गई है। पांच साल की अवधि के लिए योजना का आकार 13,000 करोड़ रुपये है। इस योजना का उद्देश्य अपने हाथ और औजारों से काम करने वाले कारीगरों को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से विश्वकर्मा योजना शुरू करने की घोषणा की थी। 

योजना के तहत पांच प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर पहली किश्त के रूप में एक लाख रुपये और दूसरी किश्त में दो लाख रुपये तक ऋण सहायता दी जाएगी। कारीगरों को प्रमाणपत्र और पहचानपत्र के माध्यम से मान्यता मिलेगी।

पहले चरण में अठारह पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है। इनमें बढ़ई, नाव निर्माता, अस्त्र बनाने वाले, लोहार, हथौड़ा और टूल किट निर्माता, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी-चटाई-झाड़ू निर्माता और जूट बुनकर, पारंपरिक गुड़िया और खिलौना निर्माता, नाई, माला बनाने वाला, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले शामिल हैं।
 


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