मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लोकसभा चुनाव कभी भी हो सकता है। यह जरूरी नहीं है कि समय पर ही चुनाव हो। केंद्र सरकार कभी भी चुनाव करा सकती है। हम सात-आठ महीना पहले से ही कह रहे हैं। इसीलिए सभी विपक्षी पार्टियों को एकजुट हो जाना चाहिए। हम उसी काम में लगे हुए हैं। मेरी व्यक्तिगत कोई इच्छा नहीं है।
मुख्यमंत्री नालंदा जिला के बड़गांव में नालंदा खुला विश्वविद्यालय के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। लोकसभा चुनाव को लेकर केंद्र सरकार की रणनीति के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। चुनाव आने पर हमलोग अपना प्रचार-प्रसार करेंगे।
इंडिया गठबंधन में कुछ और पार्टियों के शामिल होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी इस पर कहना ठीक नहीं होगा। जब बैठक में लोग आएंगे तब जानकारी मिल जाएगी।
जाति आधारित गणना पर केंद्र सरकार के सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा वापस लेने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना का काम करवाना केंद्र सरकार का अधिकार है। हमलोग जनगणना नहीं बल्कि गणना करवा रहे हैं। गणना का काम राज्य के अधिकार में आता है।
सभी दलों की सहमति से यह काम कराया जा रहा है। जाति आधारित गणना का काम लगभग पूरा हो गया है। अब इसकी रिपोर्ट प्रकाशित की जाएगी। हमलोग सभी जाति-धर्म की संख्या के अलावा उनकी आर्थिक स्थिति की भी जानकारी जुटा रहे हैं। इससे उनके विकास में सहायता मिलेगी।