बिहार में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था मजबूत करने की कवायद कृषि विभाग ने शुरू कर दी है। पुराने एवं बंद कोल्ड स्टोरेज नई टेक्नोलॉजी के साथ फिर से शुरू होंगे। जिन जिलों में कोल्ड स्टोरेज नहीं हैं, वहां सुविधा विकसित की जाएगी। कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने सभी जिलों के कोल्ड स्टोरेज मालिक एवं प्रतिनिधियों के साथ बैठक में यह जानकारी दी।
कृषि सचिव ने कहा कि कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखने एवं उनकी सही कीमत प्राप्त करने के लिए कोल्ड स्टोरेज होना जरूरी है। राज्य के 12 जिलों में कोल्ड स्टोरेज नहीं हैं। इसके लिए किसान, सब्जी एवं फल विक्रेताओं के साथ शीघ्र बैठक होगी।
आलू उत्पादन में बिहार का देश में तीसरा स्थान है। बाहर से सेब और अन्य फल आते हैं। समस्तीपुर, बेगूसराय, सारण एवं पूर्णिया जिलों में दो से अधिक कोल्ड स्टोरेज हैं, जबकि बांका, जमुई, अरवल, जहानाबाद एवं लखीसराय जिलों में एक भी कोल्ड स्टोरेज नहीं हैं। नये कोल्ड स्टोरेज लगाने पर सब्सिडी मिल रही है। पुराने कोल्ड स्टोरेज के जीर्णाेद्धार एवं नई टेक्नोलॉजी के उपयोग में भी विभाग सहयोग कर रहा है।
कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने बिजली दर में रियायत की मांग की। कृषि सचिव ने कहा कि इसके लिए बिजली विभाग से बात की जाएगी। सोलर पैनल लगाने से बिजली की खपत में काफी कमी होगी। कोल्ड स्टोरेज मालिकों को प्रोत्साहित करने के लिए ब्रेडा एवं कृषि विभाग के सहयोग से प्रोत्साहन राशि देने पर भी चर्चा होगी।