वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी का कहना है कि केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी में केंद्र की कोई सहायता नहीं होती है। यह वित्त आयोग के निर्धारित मापदंडों के आधार पर दी जाती है। वर्ष 2023-24 के लिए बिहार को एक लाख दो हजार करोड़ राशि मिलनी है।
विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री का यह बयान कि बिहार को केंद्र से अधिक सहायता मिलती है। यह भ्रामक एवं तथ्यहीन है। छह महीने बीत जाने के बाद भी सिर्फ 42,000 करोड़ रुपये ही मिले हैं। केंद्रांश की बची राशि के ब्याज का भुगतान भी सालाना तौर पर बिहार सरकार समय पर करती है। अभी तक इस आधार पर कोई आवंटन नहीं रुका है।
वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त आयोग सही से मापदंड निर्धारित नहीं करता है। इस कारण बिहार के हित की अनदेखी हो रही है। प्रति व्यक्ति आय एवं जनसंख्या घनत्व जैसे गरीबी से जुड़े सूचकांकों को राशि के बंटवारे में तरजीह नहीं दी जाती है। इस कारण बिहार की हकमारी होती है।