प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने कहा कि बिहार की खादी, हैंडलूम तथा हैंडीक्राफ्ट से जुड़ना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। खादी के हर कपड़े की अपनी एक कहानी होती है। बिहार की खादी पर जब मधुबनी पेंटिंग बन जाती है, तब यह और भी खास बन जाती है। बिहार खादी और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी के बाद मैथिली ठाकुर मीडिया कर्मियों को संबोधित कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि विगत एक वर्ष में जितने भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समारोह में मैंने हिस्सा लिया। सभी में बिहार खादी और हैंडलूम के ही कपड़े पहने। जहां भी मौका मिला बिहार के हैंडीक्राफ्ट का प्रचार किया। बिहार की लोकगीतों में जो मधुरता है, वही मधुरता बिहार की खादी और हैंडीक्राफ्ट में भी है।
मैथिली ठाकुर ने कहा कि अब ज्यादा से ज्यादा यंगस्टर खादी से जुड़ रहे हैं। यह अच्छी बात है। ब्रिटिश हुकूमत ने भारत के कपड़ा उद्योग को बर्बाद किया था। देश की युवा पीढ़ी अब खादी और हैंडलूम को आबाद करेगी। इससे हजारों बुनकर और कारीगरों को रोजगार मिलेगा।