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देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम काफी मजबूत : सचिव

केंद्र सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम काफी मजबूत है। स्टार्टअप में भारत तीसरा सबसे बड़ा देश है। स्टार्टअप इकोसिस्टम का विस्तार महानगरों के साथ छोटे शहरों में भी हो चुका है। बिहार के 37 जिलों में पंजीकृत स्टार्टअप हैं। देश के 750 जिलों में 630 से अधिक जिलों में स्टार्टअप खुल चुके हैं।

डीपीआईआईटी के सचिव राजेश कुमार सिंह पटना के ज्ञान भवन में दो दिवसीय बिहार इनोवेशन चैलेंज 2023 के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उद्योग विभाग के बिहार स्टार्टअप ने इसका आयोजन किया है। इस दौरान यूएस काउंसलेट जनरल मेलिंडा पावेक ऑनलाइन जुड़ी रहीं। उन्होंने स्टार्टअप इकाइयों को प्रोत्साहित किया। उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौंडरीक एवं निदेशक पंकज दीक्षित ने भी अपने विचारों को रखा।

उद्योग संवर्धन विभाग के सचिव ने कहा कि हमें वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में लाना है। इसके लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर को आठ प्रतिशत के आसपास रखना होगा। देश के आर्थिक विकास में स्टार्टअप की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। 

अभी देश में सौ से अधिक यूनिकॉर्न स्टार्टअप हैं। अगले कुछ वर्षों में एक हजार तक यूनिकॉर्न स्टार्टअप देश में होने चाहिए। देश का डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर काफी मजबूत है। 

पीएम गति शक्ति, जनधन योजना, आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम जैसी व्यवस्थाओं से देश की इकोनॉमी को मजबूती मिली है। इससे स्टार्टअप को भी बढ़ावा मिल रहा है। अगले 25 वर्षों में देश को एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनने के लिए विकास दर सात प्रतिशत से अधिक रखना आवश्यक है। नए उद्यमी मेहनत करें। स्टार्टअप के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं।

स्टार्टअप चैलेंज राउंड में स्टार्टअप की 75 इकाइयों ने प्रेजेंटेशन दिया। कार्यक्रम में स्टार्टअप चौपाल के फाउंडर और सीईओ सुमित श्रीवास्तव, कूनो मिल टेक्नोलॉजी की को-फाउंडर सोनाली झा, पेटीएम के एजीएम अतीत कुमार, तेलंगाना ए मिशन के डिप्टी डायरेक्टर प्रवीण मौकापत्ती, स्टार्टअप इंडिया की शिवांगी जैन एवं वाधवानी फाऊंडेशन के संजय शाह भी शामिल हुए।
 


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