मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिजली की आपूर्ति नियमित रूप से करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड फीडर के बचे काम को तेजी से पूरा करें ताकि बिजली की उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों बेहतर हो सके। ऊर्जा विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कई निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में सबसे पहले बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की योजना शुरू हुई। स्मार्ट मीटर लोगों के हित में है। बचे हुए सभी घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग जाने से लोग अपनी खपत के अनुसार बिजली बिल का भुगतान करेंगे।
जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है। सौर ऊर्जा ही असली ऊर्जा है। सभी सरकारी भवनों की छत पर सोलर प्लेट्स लगाए जाने हैं। इससे उस भवन में बिजली की आपूर्ति सौर ऊर्जा से होगी। जिन जगहों पर यह काम बाकी है, उस काम में तेजी लाएं।
लोगों को भी अपने घरों में सोलर प्लेट लगाने के लिए प्रेरित करें। सार्वजनिक जगहों पर भी जरूरत के अनुसार सोलर स्ट्रीट लाइट लगाएं। मुख्यमंत्री ने हर घर नल का जल योजना का कार्यान्वयन भी ठीक से करने का निर्देश दिया।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने बताया कि जनसंवाद कार्यक्रम के तहत लोगों ने अधिक बिजली बिल,लो वोल्टेज एवं अनियमित बिजली आपूर्ति की समस्याओं को बताया था।
ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव संजीव हंस ने कहा कि बिजली संबंधित परेशानियों के निदान के लिए डेडिकेटेड फीडर एवं ट्रांसफॉर्मर की व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण बिजली बिल के लिए कार्य किए जा रहे हैं। बैठक में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, ऊर्जा सह योजना एवं विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव समेत कई मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।