मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि हमने कहीं ऐसी बात नहीं कही है कि हम आपके ( भाजपा) साथ हैं। जो लोग केवल केंद्र की बात करते रहते हैं। हम उन्हें अलर्ट करते रहते हैं कि जो काम बिहार सरकार ने किया है। उसे जरूर याद रखिए।
वर्ष 2005 में जब हमारी सरकार बनी तो हमने चंपारण से ही कार्यक्रम शुरू किया था। इन्हीं सब बातों की हम मोतिहारी में चर्चा कर रहे थे और उनलोगों से कह रहे थे कि आप सभी लोग इसे याद रखिएगा न? सभी ने ताली बजाकर कहा, हां हम याद रखेंगे। बस इतनी सी ही बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जो कहते हैं, उसे मीडिया में जगह नहीं मिलतीे है। हमने अपने अधिकारियों से कहा है कि मेरा 19 अक्टूबर को मोतिहारी के महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में जो भाषण हुआ है, उसको भी रिलीज कर दीजिए। आज हमने जो काम किया है। किसी के कहने पर नहीं। यह मेरी व्यक्तिगत इच्छा थी और वे लोग (भाजपा) सहयोग में थे।
बिहार केसरी डॉ श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित राजकीय समारोह के बाद मुख्यमंत्री पत्रकारों से बात कर रहे थे।

विपक्ष के लगातार हमलावर होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसको जो कुछ कहना है कहेे। हमे इससे कोई लेना-देना नहीं है। हमलोग दिन रात काम करते हैं। कहीं किसी प्रकार की कोई आवश्यकता होती है। उसके लिए बैठक करते हैं।
भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी के बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय लालू प्रसाद यादव पटना यूनिवर्सिटी के चेयरमैन थे और सुशील कुमार मोदी जेनरल सेक्रेटरी। उस वक्त हम इंजीनियरिंग कॉलज में पढ़ते थे। उस समय हमारे कॉलेज का पांच सौ वोट था। उसमें से हमलोगों ने चार सौ वोट इन्हीं लोगों को दिलवाए थे, तब वे लोग जीतकर आए।
जब हमलोग साथ में थे तब सब काम उन्हें ठीक लग रहा था। मुझे तकलीफ हुई थी जब उन्हें उप मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। आजकल वे रोज कुछ-कुछ बोलते रहते हैं। इस पर मुझे कुछ नहीं कहना है। हम तो सिर्फ याद कराते हैं कि पहले से कितना काम बिहार के हित में हुआ है। इन सब बातों को आपलोग भी याद रखिए।
