पर्यटन विभाग ने जापान में बिहार के पर्यटन स्थलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग शुरू कर दी है। टोक्यो में जाटा ट्रैवेल शो का आयोजन किया गया है। यहां अगले चार दिनों तक बिहार पैवेलियन मंच से बिहार के पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग होगी।
जापान में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए डिप्टी सीएम सह पर्यटन मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, पर्यटन सचिव अभय कुमार सिंह, बिहार पर्यटन विकास निगम के एमडी नंदकिशोर एवं पर्यटक सूचना अधिकारी केशरी कुमार टोक्यो गए हैं।

डिप्टी सीएम ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए जाटा 2023 के आयोजक और भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से हमें बिहार पर्यटन को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। बिहार में पर्यटन की काफी संभावनाएं हैं।
बिहार कई धर्मों की जन्मस्थली और आध्यात्मिक जागृति की भूमि है। बिहार में बौद्ध सर्किट दो प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों में विभाजित है। गंगा नदी के दक्षिण में बोधगया, राजगीर और नालंदा है और उत्तर में वैशाली, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण।
पर्यटन सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि बिहार में इको टूरिज्म स्थलों को भी विकसित करने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। वाल्मिकी टाइगर रिजर्व, ग्लास ब्रिज, राजगीर में नेचर सफारी और चिड़ियाघर सफारी, बांका जिले में ओढ़नी डैम और पश्चिम चंपारण में वाटर स्पोर्ट्स केंद्र पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। रोहतास और कैमूर जिलों में कई मनोरम झरने हैं।
