बिहार के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रीपेड बिजली मीटर लगाने का काम वर्ष 2024 तक पूरा करने का निर्देश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जितने पैसे की जरूरत होगी, राज्य सरकार उपल्बध करायेगी। आवश्यकता पड़ी तो अलग से बजट भी लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड के स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर ऊर्जा क्षेत्र की 13934.89 करोड़ रुपये की योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमें बिहार में काम करने का मौका मिला, तो उस समय मात्र 700 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होती थी। लोगों को लगभग आठ घंटे बिजली मिलती थी। हमलोगों ने तेजी से काम करते हुए हर घर तक बिजली पहुंचा दी।
अब बिहार में 7000 मेगावाट से भी अधिक बिजली की आपूर्ति हो रही है। राज्य सरकार ऊंची कीमत पर बिजली खरीद कर कम पैसे में लोगों को बिजली मुहैया करा रही है। बिजली की आपूर्ति पावर सब स्टेशन के माध्यम से होती है। जरूरत के मुताबिक पावर सब स्टेशन लगाने के साथ उसमें सुधार का काम भी होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर खेत तक सिंचाई उपलब्ध हो। इसके लिए कृषि फीडर से किसानों को काफी कम दर पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए तेजी से काम हो रहा है। यह काम पूरा होनेे पर इसका फायदा किसानों को मिलेगा। उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होेगी। सूखे की स्थिति में भी किसानों को कम परेशानी झेलनी पड़ेगी। बिहार में आज भी 75 प्रतिशत लोगों की निर्भरता कृषि पर है।

बिहार में सभी जगह सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम चल रहा है। इसके लग जाने से अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी भरपूर रोशनी रहती है। उन्होंने सभी पंचायतों में पर्याप्त संख्या में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का निर्देश दिया।
कार्यक्रम को ऊर्जा सह योजना एवं विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव सह बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड के सीएमडी संजीव हंस ने भी संबोधित किया।