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शराबबंदी के प्रभाव का सर्वे कराने का निर्देश  

हर घर जाकर शराबबंदी के प्रभाव का सर्वे कराने का निर्देश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया है। नशामुक्ति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि महिलाओं की मांग पर हमने वर्ष 2016 में शराबबंदी लागू की। हम कभी इसे वापस नहीं लेंगे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की बात याद कीजिए। वेे हमेशा इसके खिलाफ रहे हैं।

वर्ष 2018 के सर्वे से जानकारी मिली कि एक करोड़ 64 लाख लोगों ने शराब छोड़ दी है। वर्ष 2023 के सर्वे से पता चला कि एक करोड़ 82 लाख लोगों ने शराब छोड़ दी है। सर्वे से यह भी जानकारी मिली कि 99 प्रतिशत महिलाएं और 92 प्रतिशत पुरुष शराबबंदी के पक्ष में हैं। वर्ष 2011 से 26 नवंबर को हमलोग मद्य निषेध दिवस के रूप में मना रहे हैं। 2017 में इसे बदलकर नशामुक्ति दिवस कर दिया गया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकतर पुलिसवाले और अधिकारी सही हैं, लेकिन कुछ लोग गड़बड़ करते हैं। उन पर नजर रखिए। लगातार समीक्षा करते रहिए। शराबबंदी के बाद बिहार में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। राजगीर मलमास मेले में तीन करोड़ से अधिक लोग शामिल हुए। 

इस मौके पर मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग में नवनियुक्त एसआई एवं आरक्षियों को नियुक्ति पत्र भी दिया गया। कार्यक्रम को विभाग के मंत्री सुनील कुमार एवं सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने भी संबोधित किया। 
 


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