केंद्र सरकार ने गेहूं की जमाखोरी रोकने के लिए नई स्टॉक सीमा निर्धारित की है। यह सीमा सभी थोक एवं खुदरा विक्रेता, बड़े चेन रिटेलर और प्रोसेसर पर लागू होगी।
सभी गेहूं स्टॉकिंग संस्थाओं को पोर्टल पर पंजीकरण और हर शुक्रवार को स्टॉक की स्थिति अपडेट करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
संशोधित स्टॉक सीमा : थोक विक्रेता के लिए मौजूदा स्टॉक सीमा दो हजार मीट्रिक टन से घटाकर एक हजार मीट्रिक टन कर दी गई है। खुदरा विक्रेता के लिए स्टॉक सीमा अब पांच मीट्रिक टन होगी।

बड़े चेन रिटेलर्स के प्रत्येक आउटलेट के लिए सीमा अब पांच मीट्रिक टन और सभी डिपो पर एक हजार मीट्रिक टन होगी। प्रोसेसर के लिए गेहूं की स्टॉक सीमा वार्षिक क्षमता की 70 प्रतिशत होगी।
उपभोक्ता मंत्रालय का कहना है कि यदि वर्तमान स्टॉक संशोधित सीमा से अधिक है, तो अधिसूचना जारी होने के तीस दिनों के अंदर कारोबारियों को इसे निर्धारित स्टॉक सीमा में लाना होगा। इसकी जांच के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।