मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि नील गाय (घोड़परास) से फसलों की क्षति हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कार्रवाई करें। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने देशी गायों के नस्ल को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि डेयरी को-ऑपरेटिव सोसायटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर तरह का सहयोग कर रही है। राज्य के सभी गांवों को डेयरी को-ऑपरेटिव नेटवर्क से जोड़ें ताकि लोगों को रोजगार मिले। इससे उनकी आमदनी बढे़गी।
कृषि रोड मैप के क्रियान्वयन से राज्य में किसानों की आमदनी बढ़ी है। दूध, मांस, मछली और अंडा का उत्पादन बढ़ा है। इसे और बढ़ाने के लिए तेजी से काम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पशुओं को सभी तरह की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रत्येक 8-10 पंचायतों पर पशु अस्पतालों की स्थापना की योजना है। जिन क्षेत्रों में पशु अस्पतालों की स्थापना नहीं हुई है, वहां अस्पतालों की शीघ्र स्थापना के लिए कार्रवाई करें। पशु अस्पतालों में मुफ्त इलाज के साथ मुफ्त दवा की भी व्यवस्था है।
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की प्रधान सचिव डॉ एन. विजया लक्ष्मी ने विभाग के कार्यों की जानकारी दी। बैठक में वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री आफाक आलम, मुख्य सचिव, कई वरिष्ठ अधिकारी एवं पशुपालन निदेशक नवदीप शुक्ला मौजूद थे।