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पहली बार पटना से बाहर हुई एसएलबीसी की बैठक

राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक पहली बार पटना से बाहर मुजफ्फरपुर में हुई। वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बेला औद्योगिक क्षेत्र में बैठक करने की खास वजह है। बैंक उद्योग में हो रहे काम को नजदीक से देख सकेंगे। इससे विश्वास और साख में वृद्धि होगी। 

राज्य सरकार सूबे के आर्थिक विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। वित्त मंत्री ने बैंकों के ऋण वितरण की सराहना की। 

उन्होंने एमएसएमई, पीएमएफएमई और पीएमईजीपी योजनाओं की जानकारी दी। प्लग एंड प्ले स्कीम की तारीफ की। बैंकों से कहा कि हमारे उद्यमियों के बने क्वालिटी प्रोडक्ट को अपने संस्थानों में प्रयोग करे। 

आर्थिक विकास की रीढ़ प्राथमिक सेक्टर को क्रेडिट और पशु, मत्स्य एवं कुक्कुट क्षेत्रों में साख वितरण होना चाहिए। केसीसी रिपेमेंट के लिए बैंकों को लाभार्थी के पास पहुंच बनाने की जरूरत है। 

प्रखंड स्तर पर होने वाली बैठक में बैंकों की उपस्थिति की अनिवार्यता एवं सर्टिफिकेट केस में पारदर्शी तरीका अपनाने पर चर्चा हुई। लोन के लिए आवश्यक कागज का चेकलिस्ट बनाकर प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया ताकि लाभार्थी को बार-बार दौड़ना न पड़े। 

बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, पीएनबी एवं यूको बैंक का सीडी रेशियो 45 प्रतिशत से कम देखा गया। सरकार के प्राथमिक कार्यों में एक्सिस बैंक की न्यूनतम भागीदारी पर नाराजगी व्यक्त की गई। 

बैठक में राज्य सरकार के उद्योग एवं ग्रामीण विकास मंत्री, एसबीआई के सीजीएम, कई बैंकों के जीएम, वित्त मंत्रालय के संयुक्त सचिव भूषण कुमार सिन्हा, अपर मुख्य सचिव संदीप पौंड्रिक, वित्त विभाग के प्रधान सचिव एवं जीविका के सीईओ भी मौजूद रहे। 
 


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