राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बिहार सरकार सीधे नौकरी देगी। ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना के अनुसार खिलाड़ियों को सिविल एसडीओ एवं डीएसपी तक बनने का मौका मिलेगा।
नई नियमावली के तहत 71 खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इनमें दो को बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी की नौकरी मिली है।
69 को पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई), समाज कल्याण विभाग में अधीक्षक, डाटा इंट्री ऑपरेटर एवं लिपिक की नौकरी दी गयी है।

चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन गेम्स एवं एशियन पारा गेम्स की हाईजंप प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता शैलेश कुमार, कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन बॉल खेल में पदक जीतनेवाले चंदन कुमार सिंह, एशियन पारा गेम्स की तैराकी में शम्स आलम शेख, साइकिलिंग ट्रैक में जलालुद्दीन अंसारी, फेनसिंग में आकाश कुमार, कबड्डी में सागर कुमार, एशियन गेम्स के रग्बी खेल में श्वेता शाही सहित कबड्डी, रग्बी, मार्शल आर्ट, एथलेटिक्स, फुटबॉल एवं ड्रैगन बॉल खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करनेवाले 71 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। अभी तक खेल से संबंधित सभी कार्य कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के अधीन किये जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में अलग से ‘खेल विभाग’ का गठन किया जायेगा। अच्छे खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति मिलेगी। इससे युवा खिलाड़ी अपना पूरा ध्यान खेल पर दे सकेंगे। पुलिस सहित कई विभागों में खेल कोटा के कई पद खाली हैं। इन पदों पर प्राथमिकता के आधार पर खिलाड़ियों की नियुक्ति की जायेगी।

रेलवे की तर्ज पर वर्ष 2010 से बिहार में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा रही है। इसके तहत वर्ष 2010 में 33, 2011 में 125, 2015 में 82 तथा 2020 में 31 को मिलाकर 271 खिलाड़ियों को लिपिक वर्ग की नौकरियां दी गईं।
कार्यक्रम को डिप्टी सीएम तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी, कला,संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री जितेंद्र कुमार राय ने भी संबोधित किया।