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राज्यपाल ने थाईलैंड के प्राचीन शहर ‘अयुत्या’ का किया दौरा 

बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज थाईलैंड के प्राचीन शहर ‘अयुत्या’ का दौरा किया। इस शहर का नाम भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या के नाम पर रखा गया है। राज्यपाल आर्लेकर 22 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल भारत से भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष लेकर थाईलैंड गया है।

1350 में स्थापित ‘अयुत्या’ एक ऐतिहासिक शहर है। यह सुखोथाई के बाद सियामी साम्राज्य की दूसरी राजधानी थी।

एक समय वैश्विक कूटनीति और वाणिज्य का महत्वपूर्ण केंद्र रहा ‘अयुत्या’ अब पुरातात्विक महत्व का केंद्र है। इसकी विशेषता ऊंचे प्रांग (अवशेष टावर) और बौद्ध मठों के अवशेष हैं। 

‘अयुत्या’ की अपनी यात्रा पर राज्यपाल ने कहा कि यह शहर भारतीय और थाई सभ्यता के बीच गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाता है। 

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बिहार कई बौद्ध विरासतों का स्थान है। इस राज्य का राज्यपाल होने के नाते ऐतिहासिक शहर ‘अयुत्या’ का दौरा करने का अवसर मिलना मेरे लिए एक सम्मान है। 

राज्यपाल ने कहा कि प्राचीन मंदिर, महल और खंडहर न केवल थाईलैंड के समृद्ध इतिहास और संस्कृति की गहरी समझ देते हैं बल्कि हमें आधुनिक थाईलैंड की सांस्कृतिक जड़ों और विरासत की गहराई को समझने में भी मदद करते हैं। 


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