बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बिजली शुल्क में किसी तरह की वृद्धि नहीं की है। आयोग के इस निर्णय से सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को एक अप्रैल से राहत मिलेगी। टैरिफ में दो प्रतिशत की कमी भी की गई है।
बिजली वितरण कंपनियों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बिजली शुल्क में 3.03 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव दिया था। आयोग ने कंपनियों के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। साथ ही बिजली शुल्क में कमी करने का भी आदेश दिया। डिस्कॉम के सभी स्तरों पर किए गए सुधार के कारण बिजली शुल्क में कमी आयी है।
बिहार उद्योग संघ (बीआईए) एवं बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बिहार विद्युत विनियामक आयोग के निर्णय का स्वागत किया है।

चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सुभाष पटवारी ने कहा कि बिजली दरों में कमी का सकारात्मक प्रभाव राज्य के उद्योग एवं व्यवसाय पर पड़ेगा। वर्तमान में कॉमर्शियल एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर पड़ोसी राज्य से अधिक है। इस कारण प्रतिस्पर्धा करने में कठिनाई हो रही है। चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि बिहार में बिजली शुल्क में और कमी की जानी चाहिए ।
बीआईए के अध्यक्ष केपीएस केशरी ने कहा कि बिजली शुल्क में दो प्रतिशत की कमी काफी कम है। पिछले वर्ष यूनिट चार्ज तथा केवीए चार्ज में काफी वृद्धि की गयी थी। केवीए चार्ज पिछले वर्ष लगभग दोगुना किया गया था।
अध्यक्ष ने कहा कि इस पर कोई प्रोत्साहन अनुदान भी नहीं मिल रहा है। हमें उम्मीद थी कि केवीए चार्ज में भी कमी आयेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे औद्योगिक उपभोक्ता निराश हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि आयोग इस आदेश पर फिर से विचार करेगा।