केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेेंद्र यादव ने पटना में कहा कि केंद्र सरकार रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रयत्नशील है। इसके तहत एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं।
बिहार के लिए बजट में 100 करोड़ की लागत से मखाना बोर्ड के गठन और कृषि प्रक्षेत्र को मजबूती प्रदान करने लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की घोषणा की गई है।
आईआईटी पटना में बुनियादी ढांचा एवं क्षमता का विस्तार, राज्य में तीन ग्रीन फिल्ड एयरपोर्ट के साथ बिहटा में ब्राउन एयरपोर्ट की स्थापना और पश्चिमी कोसी नहर के लिए आर्थिक मदद जैसे कई विशेष प्रावधान किए गए हैं। इनसे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री भूपेेंद्र यादव बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन परिसर में केंद्रीय बजट 2025-26 पर एक बजट संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल भी मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री ने बजट 2025-26 की चर्चा करते हुए कहा कि इस वर्ष बजट का कुल आकार 50.65 लाख करोड़ रुपए का है। इनमें 16.29 लाख करोड़ केंद्रीय योजनाओं पर खर्च और 25.01 लाख करोड़ रुपए राज्यों के लिए निर्धारित हैं। शेष राशि पूंजीगत व्यय के लिए है, जिसे आधारभूत संरचना पर खर्च की जाएगी।
2014 में केंद्रीय बजट लगभग 16 लाख करोड़ का था। अब बजट का आकार तीन गुणा बढ़ कर 50.65 लाख करोड़ का हो गया है।
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने भी अपने विचारों को रखा।
बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष केपीएस केशरी ने बिहार के परिपेक्ष्य में कहा कि संविधान के तहत केंद्र सरकार का दायित्व है कि क्षेत्रीय विषमता को दूर करे। इसके तहत बिहार के लिए कुछ विशेष उपाय करने की जरूरत है।
सीआईआई बिहार के वाइस चेयरमैन गौरव साह ने बजट के बाद परिचर्चा आयोजित करने की परिपाटी की सराहना की। उन्होंने कहा कि बजट में बिहार के लिए किए गए विशेष उपायों से अब बाहरी निवेशकों का आत्मविश्वास बिहार के प्रति बढ़ा है।