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साल में 300 दिन मखाना जरूर खाता हूं : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुपरफूड मखाना की तारीफ करते हुए कहा कि 365 दिन में 300 दिन मैं मखाना जरूर खाता हूं। मखाना आज सुबह के नाश्ते का प्रमुख अंग बन गया है। यह एक सुपरफूड है, जिसे अब दुनिया के बाजार तक पहुंचाना है। 

इसलिए इस साल के बजट में मखाना किसानों के लिए बिहार में मखाना बोर्ड बनाने की घोषणा की गई है। यह बोर्ड मखाना के उत्पादन, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग जैेसे हर पहलू में बिहार के किसानों की मदद करेगा।

प्रधानमंत्री भागलपुर में किसान सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भागलपुर से देश के 9.8 करोड़ से अधिक किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त जारी की। एक क्लिक पर करीब 22 हजार करोड़ रुपये देशभर के किसानों के खाते में पहुंच गए। 

किसान सम्मान निधि पाने वालों में बिहार के 75 लाख से अधिक किसान परिवार हैं। इनके खातों में लगभग 1600 करोड़ राशि भेजी गई है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वी भारत में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बिहार एक बड़े केंद्र के रूप में उभरने वाला है। बिहार में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नॉलॉजी की स्थापना की जाएगी। 

बिहार में कृषि क्षेत्र में तीन नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित किए जाएंगे। भागलपुर सेंटर आम की जर्दालू किस्म पर काम करेगा। मुंगेर और बक्सर सेंटर टमाटर, प्याज और आलू किसानों की मदद करेंगे। 

केंद्र सरकार रेशम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काफी जोर दे रही है। इसका लाभ भागलपुर के बुनकरों को भी मिलेगा। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार के औद्योगिक विकास पर भी काफी जोर दे रही है। बिहार सरकार भागलपुर जिले में बड़ा बिजली कारखाना लगा रही है। इसे कोयले की भरपूर आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने कोल लिंकेज को स्वीकृति दी है। 

हमारी सरकार ने देश में दस हजार किसान उत्पादक संघ (एफपीओ) बनाने का लक्ष्य रखा था। आज बिहार की धरती से यह लक्ष्य पूरा हो गया। मक्का, केला और धान पर काम करने वाला यह एफपीओ खगड़िया जिले में रजिस्टर हुआ है। 

बिहार आज देश के टॉप फाइव मछली उत्पादक राज्यों में शामिल हो गया है। 

पीएम धन धान्य योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि इसके तहत देश के 100 ऐसे जिलों की पहचान की जाएगी, जहां सबसे कम फसल होती है। ऐसे जिलों में खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

बिहार में आधुनिक कनेक्टिविटी के लिए मुंगेर से भागलपुर होते हुए मिर्जा चौकी तक करीब पांच हजार करोड़ रुपए की लागत से हाई वे बनाने का काम शुरू हो रहा है। 

भागलपुर से हसडीहा तक फोर लेन सड़क की चौड़ीकरण का काम भी शुरू होने जा रहा है। विक्रमशिला से कटोरिया तक नई रेल लाइन और रेल पुल को भी स्वीकृति दी गई है। नालंदा यूनिवर्सिटी के बाद अब विक्रमशिला में भी सेंट्रल यूनिवर्सिटी का काम शुरू होगा। 

इस मौके पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतिश कुमार, दोनों डिप्टी सीएम, केंद्र और राज्य सरकार के कई मंत्री एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


 


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