बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 3,16,895.02 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। यह बजट अनुमान 2024-25 से 13.69 प्रतिशत अधिक है। डिप्टी सीएम सह वित्तमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में अपना दूसरा बजट पेश किया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2.98 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जीएसडीपी 10,97,264 करोड़ रुपए है। यह घाटा 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अंतर्गत तीन प्रतिशत सीमा में है।
बजट भाषण में वित्तमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता तीव्र विकास दर हासिल करनी है। इस लक्ष्य के लिए बजट में वर्तमान मूल्य पर वर्ष 2025-26 में जीएसडीपी 12.4 प्रतिशत वृद्धि के साथ 10,97,264 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है।
वर्ष 2023-24 में वर्तमान मूल्य पर जीएसडीपी में 14.5 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर आंकलित की गई है। यह 2024-25 में 14.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
बजट की सर्वाधिक 19.44 प्रतिशत राशि शिक्षा पर खर्च होगी। ग्रामीण विकास पर 13.35 प्रतिशत, स्वास्थ्य पर 8.82 प्रतिशत, ग्रामीण कार्य पर 7.53, समाज कल्याण पर 7.42, नगर विकास एवं आवास पर 5.48 प्रतिशत, कृषि पर 2.40 प्रतिशत एवं उद्योग के विकास पर 1.58 प्रतिशत राशि खर्च करने का अनुमान है।
वित्तमंत्री की प्रमुख घोषणाएं :
-- नेशनल को-ऑपरेटिव कंज्यूमर फेडरेशन (एनसीसीएफ) और नेफेड के सहयोग से अरहर, मूंग और उड़द की एमएसपी पर खरीद होगी।
-- सुधा के तर्ज पर सभी प्रखंडों में तरकारी (सब्जी) सुधा आउटलेट खुलेगा।
-- सभी पंचायतों में निर्धन कन्या की शादी के लिए कन्या विवाह मंडप का निर्माण कराया जाएगा। इससे कम शुल्क पर विवाह की सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
-- पटना में महिला हाट की स्थापना और जिम ऑन व्हील्स शुरू की जाएगी। राज्य के प्रमुख शहरों में पिंक बस एवं सभी शहरों में पिंक टॉयलेट सेवा भी शुरू होगी।
-- बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2025, बिहार खाद्य प्रसंस्करण नीति और बिहार बॉयोफ्यूल्स उत्पादन प्रोत्साहन (संशोधन) नीति 2025 लागू की जाएगी।
-- बिहार फार्मास्युटिकल प्रमोशन पॉलिसी 2025 के अंतर्गत बिहार को एक प्रमुख फार्मास्युटिकल और चिकित्सा उपकरण निर्माण केंद्र के रूप में बढ़ावा मिलेगा।
-- राज्य में प्लास्टिक निर्माण के लिए बिहार प्लास्टिक विनिर्माण प्रोत्साहन नीति 2025 शुरू की जाएगी।
-- उद्यमिता विकास संस्थान का जीर्णाेद्धार कर इसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा।
-- गुड़ के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना पूसा (समस्तीपुर) में की जाएगी।
-- प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए हैदराबाद, बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली एनसीआर, कोलकाता, गुवाहाटी, सूरत, लुधियाना, कोयंबटूर एवं चेन्नई में प्रवासी परामर्श सह निबंधन केंद्र बनेंगे।
-- कैंसर की रोकथाम और इलाज के लिए बिहार कैंसर केयर सोसाइटी की स्थापना और बेगूसराय में एक कैंसर हॉस्पिटल का निर्माण होगा।
-- बिहार ग्रीन डेवलपमेंट फंड की घोषणा से राज्य को जलवायु अनुकूल एवं कार्बन न्यूट्रल बनाने में सहायता मिलेगी।
-- राज्य में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए 100 करोड़ की लागत से बिहार क्लीन एयर ट्रांसफोर्मेशन परियोजना शुरू होगी।
-- पूर्णिया एयरपोर्ट शीघ्र शुरू होगा। राजगीर, सुल्तानगंज (भागलपुर) और रक्सौल में एयरपोर्ट विकसित करने के साथ भागलपुर, वाल्मीकिनगर, वीरपुर (सुपौल), मधुबनी, मुंगेर,सहरसा और मुजफ्फरपुर को उड़ान योजना के तहत विकसित किया जाएगा।
-- दिल्ली और मुंबई के अलावा कुछ अन्य प्रमुख मेट्रो शहरों में भी बिहार एकीकृत केंद्र की स्थापना की जाएगी।