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बिहार में अप्रामाणिक खाद्य सामग्री पर रोक के लिए शुरू होगा अभियान

बिहार में अप्रामाणिक लहसुन, हल्दी, चावल एवं अन्य खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक के लिए राज्य सरकार विशेष अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान में गृह, कृषि, स्वास्थ्य, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग सामूहिक रूप से कार्य करेंगे। 

अप्रामाणिक खाद्य सामग्री पर रोक के लिए डिप्टी सीएम सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विकास भवन में बैठक की। बैठक में संबंधित विभागों के सचिव के अलावा कृषि विश्वविद्यालय और आईसीएआर के वैज्ञानिक भी शामिल हुए। 

डिप्टी सीएम ने बताया कि अप्रामाणिक खाद्य सामग्री का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके दुष्प्रभाव को देखते हुए मुख्यालय से लेकर पंचायत स्तर तक संदिग्ध खाद्य उत्पादों की रोकथाम के लिए टास्क फोर्स को सक्रिय किया जाएगा। नकली खाद्य सामग्री और कृषि उत्पादों के व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।  

स्थानीय बाजार, थोक विक्रेता, गोदाम और परिवहन साधनों की सघन जांच के लिए एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन होगा। अप्रामाणिक खाद्य सामग्री की पहचान और नुकसान से आम लोग और किसानों को जागरूक किया जाएगा। 

खाद्य पदार्थों की पैकिंग के लिए एफएसएसएआई और अन्य एजेंसियों के माध्यम से गुणवत्ता, कंपोजिशन और वैधता तिथि को अंकित कराना अनिवार्य होगा। राज्य के किसानों को देसी उत्पादों की खेती और बिक्री के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। 

डिप्टी सीएम ने बिहार में बाहर से आने वाले संदिग्ध खाद्य उत्पादों की पहचान के लिए निरंतर जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। 
 


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